कोथरूड, 26 फरवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
एथलीट और शिक्षित व्यक्ति दोनों ही देश का भविष्य हैं. इसलिए, उच्च शिक्षित एथलीटों यानी छात्रों का भविष्य उज्ज्वल है. अर्जुन पुरस्कार विजेता और पैरालिंपिक स्वर्ण पदक विजेता पद्मश्री मुरलीकांत पेटकर ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन में हमेशा उतार- चढ़ाव आते रहते हैं. वे एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित 18वीं राष्ट्रीय स्तरीय अंतर-वेिशविद्यालय एवं महाविद्यालय खेल प्रतियोगिता ‘समिट-2025’ के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे. इस अवसर पर प्र-कुलपति डॉ. मिलिंद पांडे, वरिष्ठ खेल पत्रकार डॉ. मिलिंद ढमढेरे, शिव छत्रपति पुरस्कार विजेता मनोज एरंडे, पद्माकर फड़ और डब्ल्यूपीयू के खेल निदेशक विलास कथुरे उपस्थित थे.
इस कार्यक्रम का आयोजन एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. वेिशनाथ दा. कराड के आशीर्वाद और डब्ल्यूपीयू के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राहुल कराड का मार्गदर्शन में किया जा रहा है. उद्घाटन समारोह के दौरान रेखा भिड़े को ओलंपिक में हॉकी में उनके असाधारण प्रदर्शन के लिए एमआईटी- डब्ल्यूपीयू खेल महर्षि पुरस्कार से सम्मानित किया गया. वहीं जूडो में शिव छत्रपति पुरस्कार से सम्मानित योगेश धाड़वे को एमआईटी डब्ल्यूपीयू क्रीड़ा आचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. आर. एम. चिटणीस ने प्रस्तावना रखी. छात्र शांतनु, कुहू खांडेकर, जिनेश ननंद, आर्य भागवत को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय खेलों में सफलता के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया. छात्र रसेल रॉबिन्सन और एरिशा ने कार्यक्रम का संचालन किया. आर्यकी सायखड़ेकर ने आभार व्यक्त किया. मुरलीकांत पेटकर ने कहा, एमआईटी डब्ल्यूपीयू देश का पहला वेिशविद्यालय है जिसके पास मिट्टी से कुश्ती का मैदान और कोच है. छात्र एथलीटों को अपने जीवन में देश के दिग्गज एथलीटों को नहीं भूलना चाहिए.