साहित्य सचेतना का द्वितीय वार्षिकोत्सव संपन्न

    25-Mar-2025
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sam
 
पुणे/मुंबई, 24 मार्च (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
 
मुंबई गोरेगांव साहित्यिक सचेतना का द्वितीय वार्षिकोत्सव 23 मार्च 2025 को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. साहित्यिक सचेतना मंच की संरक्षक शारदा ओझा की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम मुंबई गोरेगांव में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. इस अवसर पर पुणे की कवयित्री शारदा कनोरिया सहित 4 साहित्यकारों को उपनाम अलंकरण से सम्मानित किया गया. जिनमें उर्मिला पपनोई को ‌‘श्रीजा', मंगेश सिंह को‌‘आशु कवि', शारदा कनोरिया को ‌‘शुभा', तथा स्मृति मिश्रा को ‌‘वाची' नाम प्रदान किया गया. साहित्यिक सचेतना के अध्यक्ष एवं संस्थापक नरेंद्र रावत ‌‘नरेन' ने भारतीय चिरपुरातन एवं नितनवीन सनातन धर्म के वैदिक सतसिद्धांतों तथा अद्वैतदर्शन की सत्यात्मकता से समाज और राष्ट्र को सचेतन करने की बात कही. मंच की राष्ट्रीय महासचिव प्रीति डिमरी ‌‘प्रीत' ने सचेतना के माध्यम से बच्चों और युवाओं को जुड़ने का आह्वान किया.
 
मंच की राष्ट्रीय प्रभारी शारदा कनोरिया ने अपने वक्तव्य में सभी से मंच से जुड़ने के लिए आह्वान किया. कार्यक्रम में साहित्यिक सचेतना मंच के साहित्यकारों द्वारा नरेंद्र रावत ‌‘नरेन' को गुरुदेव उपाधि से विभूषित किया गया. कार्यक्रम में पूरे भारतभर से सभी साहित्यकार उपस्थित रहे. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. रूपराशि (वस्त्र आयुक्त, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार) तथा राजेंद्र अग्रवाल, (वाइस चेयरमैन पीएमएल ग्रुप) ने साहित्यिक संचेतना के सिद्धांतों में अपनी सहमति दिखाते हुए जुड़ने एवं भविष्य में पूर्ण सहयोग की बात कही. सारांश अग्रवाल ( झचङ, डारेक्टर) राजेंद्र कुमार दीनूभाई पटेल (उमिया माता चैरिटेबल ट्रस्ट, व्यवस्थापक) कुंदा नारायण फाटक (राष्ट्रीय सेविका धर्म जागरण) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. साहित्यिक सचेतना मंच के संगठन मंत्री रायसिंह भंडारी, पर्यावरण संरक्षण प्रभारी रामसिंह भंडारी सचेतना के संरक्षक मोहनसिंह रावत, कोषाध्यक्ष उर्मिला पपनोई ‌‘श्रीजा', मीडिया प्रभारी मंगेश सिंह, संस्कृतविद्‌‍ श्रीकांत डोबरियाल, ज्योतिषाचार्य योगेश गहतोड़ी, कार्यक्रम में सहयोग करते हुए दिखाई दिए.
 
अंजनी कुमार (कोटा राजस्थान) जयश्री सिंघल (जोधपुर, राजस्थान), जुगलकिशोर त्रिपाठी (मऊ झांसी उत्तर प्रदेश), मधु मनमौजी (कोटा राजस्थान), मीरा मोहन (बरेली, उत्तर प्रदेश), नीलम कौशिक (गुरुग्राम हरियाणा), रानी रावल ‌‘रुद्रश्री' (झालावाड़, राजस्थान), सावित्री भारतीया (पुणे), स्मृति मिश्रा ‌‘वाची' (जगदलपुर, छत्तीसगढ़), डॉ दीप्तिशिखा पाठक, ज्योत्स्ना शुक्ला (कवियत्री) आदि ने काव्यपाठ से सबको मोहित किया. कार्यक्रम में आकाश अग्रवाल का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ. गाजियाबाद से आई हैप्पी एवं गुड्डन ने कार्यक्रम को सराहा तथा स्वयं जुड़ने की और औरों को भी जोड़ने की बात कही. बैंक ऑफ बड़ौदा के संगीत टीम ने भजन संध्या द्वारा भरपूर मनोरंजन किया. साहित्यिक सचेतना एवं स्वास्तिक पत्रिका के इस भव्य कार्यक्रम में सनातन की गूंज रही. सनातन के सिद्धांतों के प्रचार और प्रचार के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में अपार सफलता अर्जित की.