पिंपरी, 24 मार्च (आ.प्र.)
मनपा के विद्युत विभाग ने हाल ही में जल शोधन पंप हाउस संचालन के लिए करीब 16 करोड़ रुपए की लागत के कुल 10 पैकेजों का टेंडर जारी किया है. इस टेंडर में कुछ शर्तें कुछ कॉन्ट्रैक्टरों के पक्ष में रखी गई हैं. संबंधित कार्य के लिए पहले ही टेंडर और आदेश भी जारी किया जा चुका था, लेकिन फिर से नया टेंडर जारी होने से मनपा प्रशासन की पारदर्शिता पर सवाल उठाया जा रहा है. जलदाय विभाग के पंप हाउस का संचालन करने, मरम्मत और रखरखाव को लेकर यह टेंडर है. महाराष्ट्र सरकार के टेंडर दिशा निर्देशों का उल्लंघन करते हुए अपनी मर्जी के कॉन्ट्रैक्टरों के पक्ष में टेंडर की शर्तों और नियमों को बदल दिया गया है. कुछ नई शर्तें शामिल की गई हैं, जिनमें कुछ अपनी मर्जी के कॉन्ट्रैक्टरों को देने का प्रयास किया जा रहा है.
इसमें अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र के संचालन में अनुभव की शर्त भी शामिल है. जल शुद्धिकरण पंप हाउस के रखरखाव एवं मरम्मत के लिए टेंडर हेतु कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) जारी कर दिया गया है. कार्य की अवधि 18 महीने है और रखरखाव और मरम्मत की लागत को एक बार फिर प्रकाशित टेंडर में शामिल किया गया है. एक ही काम के लिए दो बार टेंडर जारी करने से मनपा की टेंडर प्रक्रिया पर सवाल किये जा रहे हैं. टेंडर प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल किया गया है. यह स्पष्ट है कि चयनित कॉन्ट्रैक्टरों ने टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया था और कॉल भी किया था. इससे मनपा को वित्तीय नुकसान हो सकता है. कॉन्ट्रैक्टरों की संख्या पर प्रतिबंध से प्रतिस्पर्धा कम होने और टेंडर की कीमतों में वृद्धि होने की संभावना है.
एसटीपी संचालन में अनुभव की कमी के कारण कॉन्ट्रैक्टर अयोग्य घोषित
दूसरी ओर, पर्यावरण विभाग द्वारा जारी टेंडरों में जल उपचार पंप हाउसों के संचालन में अनुभव रखने वाले कॉन्ट्रैक्टरेों को सीवेज उपचार पंपों (एसटीपी) के संचालन में अनुभव की कमी के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया. उसी नियम के अनुसार इन टेंडरेों में नियम व शर्तें भी शामिल की जानी चाहिए. इसमें नई प्रौद्योगिकी के उपयोग, दक्षता के स्तर और कार्य की गुणवत्ता के मानदंडों को अधिक स्पष्ट रूप से दिया जाना चाहिए. इससे कार्यकुशलता में सुधार होगा और संभावित दुर्घटनाओं से बचा जा सकेगा. ऐसा प्रतीत होता है कि ड्रेनेजलाइन विभाग के कॉन्ट्रैक्टरों को ध्यान में रखते हुए विशेष नियम व शर्तें लागू की गई हैं. अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टरों को फोन करपरोक्ष रूप से धांधली करने की योजना चल रही है. इस प्रकार गतिविधियों को रोकने की जरूरत है.
टेंडर की जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित की जानी चाहिए
अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टरों ने एक विशिष्ट कॉन्ट्रैक्टर को ध्यान में रखकर टेंडर जारी की है. इसके अनुसार, नियम और शर्तों में बदलाव किया गया है. संपूर्ण टेंडर प्रक्रिया की जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित की जानी चाहिए. संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए. तब तक टेंडर तत्काल रद्द किया जाए, अन्यथा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र पवार ने चेतावनी दी है कि वह अदालत में जनहित याचिका दायर करेंगे.
टेंडर को जारी करने के लिए मिलकर काम किया
जलदाय विभाग के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और पंप हाउस के संचालन, रखरखाव और मरम्मत के लिए भी टेंडर जारी कर दी गई हैं. अन्य मनपा की तरह, पिंपरी-चिंचवड़ मनपा ने भी टेंडर को जारी करने के लिए मिलकर काम किया है, ऐसा मनपा के बिजली विभाग के सह-शहर अभियंता बाबासाहेब गलबले ने बताया.