स्वारगेट, 26 मार्च (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित पहल ‘युगांतर 2047’ को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली. इसमें पुणे के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के लगभग 3 हजार एनसीसी छात्रों ने भाग लिया. यह प्रेरणादायक सेमिनार भारतीय सेना और पुनीत बालन ग्रुप द्वारा राष्ट्र निर्माण की पहल करते हुए आयोजित किया गया था. छात्रों ने युवा, योग और प्रौद्योगिकी जैसे विषयों पर गहन चर्चा की, जो भारत की प्रगति के आधार स्तंभ हैं. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल अनूप सिंघल (एवीएसएम, एसएम, महानिदेशक, सेना भर्ती, नई दिल्ली) ने उपस्थित छात्रों का मार्गदर्शन किया. साथ ही मे. जन. योगेश चौधरी (वीएसएम, एडीजी, जेडआरओ पुणे), पुनीत बालन ग्रुप के अध्यक्ष पुनीत बालन, आरएमडी फाउंडेशन की अध्यक्ष जान्हवी धारीवाल-बालन, सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर सौरभ सिंह शेखावत सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे. ‘विकसित भारत’ की अवधारणा पर बोलते हुए लेफ्टिनेंट जनरल सिंघल ने राष्ट्र निर्माण में भारतीय सेना की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला. उन्होंने युवाओं से सेना में शामिल होकर देश की प्रगति में योगदान देने की अपील की. उनके प्रभावशाली भाषण ने छात्रों में देशभक्ति और जिम्मेदारी की भावना पैदा की. ‘पुनीत बालन ग्रुप’ के सहयोग से आयोजित इस सेमिनार में अनेक गतिविधियां हुईं. इसमें वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के प्रेरक व्याख्यान, कैरियर मार्गदर्शन सत्र, भारतीय सेना में अवसरों के बारे में जानकारी, एनडीए कैडेट्स के अनुभव शामिल थे. इसके साथ ही जया किशोरी के विशेष प्रेरणादायी भाषण को उपस्थित विद्यार्थियों ने विशेष रूप से सराहा, जिसमें अनुशासन और दृढ़ता के महत्व पर जोर दिया गया. कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सेना के विभिन्न हथियारों का प्रदर्शन और आधुनिक सैन्य तकनीक की झलक थी. वहीं प्रसिद्ध मेंटलिस्ट अमित कलंत्री द्वारा दिया गया माइंड रीडिंग प्रदर्शन सभी को आश्चर्यचकित कर गया. इसके अलावा, ‘सबालि-द बैंड’ द्वारा लाइव संगीत प्रदर्शन ने छात्रों में उत्साह भर दिया.
भारत का भविष्य ऊर्जावान युवाओं के हाथों में
भारतीय सेना सिर्फ एक नौकरी नहीं है, यह हमारी जीवन पद्धति है, यह हमें विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति देती है, जो सेना में अग्रणी सेनानियों को आकार देने के साथ-साथ अन्य सैन्य कर्मियों को अनुशासित भी करता है. भारत का भविष्य नई ऊर्जा वाले युवाओं के हाथों में है. इसके लिए युगांतर जैसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं. यह प्रेरणा सर्वप्रथम स्वामी विवेकानंद ने दी थी और युवाओं के महत्व पर प्रकाश डाला था.
- लेफ्टिनेंट. जन. अनूप सिंघल, सेना भर्ती महानिदेशक, नई दिल्ली
सभी कार्यक्रम युवाओं और योग पर आधारित थे
पुनीत बालन की पहल से भारतीय सेना युवा पीढ़ी के लिए इस महान कार्यक्रम की मेजबानी करने में सक्षम हुई. इसकी टैगलाइन भी युवाओं और योग पर आधारित है और यह बहुत खूबसूरत है. 2047 में भारत की स्वतंत्रता को 100 वर्ष पूरे हो जायेंगे. इसमें कोई संदेह नहीं है कि युगांतर 2047 पहल इसके लिए मार्गदर्शक साबित होगी.
- मे. जन. योगेश चौधरी, वीएसएम, एडीजी, जेडआरओ, पुणे
सेना को नए अधिकारी जरूर मिलेंगे
आज के दौर में युवा पीढ़ी सोशल मीडिया पर ज्यादा जोर दे रही है. ऐसे समयमें, हमने भारतीय सेना के साथ मिलकर युगांतर 2047 कार्यक्रम का आयोजन किया ताकि उन्हें भारतीय सेना में उपलब्ध करियर के अवसरों के बारे में पता चल सके. इसमें लगभग तीन हजार युवक-युवतियों ने भाग लिया. यदि इससे कम से कम दस प्रतिशत युवाओं का जीवन बदल भी जाए तो यह संतोष की बात होगी. उम्मीद है कि इससे सेना को नए अधिकारी जरूर मिलेंगे.
- पुनीत बालन, अध्यक्ष, पुनीत बालन ग्रुप