शिवाजीनगर, 26 मार्च (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
सभी सुविधाओं से सुसज्जित पुणे स्थित यूथविले का उद्घाटन बुधवार (26 मार्च) को कोहिनूर ग्रुप के प्रबंध निदेशक कृष्णकुमार गोयल और उनकी पत्नी राजबाला गोयल ने किया. इस यूथविले की रचना शिक्षा के लिए पुणे आने वाले छात्रों और रोजगार के लिए पुणे शहर को पसंद करने वाले कामकाजी पेशेवरों के लिए उपयोगी है. पुणे शहर के 7वें और सेनापति बापट रोड स्थित शिवाजी हाउसिंग सोसाइटी क्षेत्र में सभी सुविधाओं से सुसज्जित यूथविले का बुधवार को उद्घाटन किया गया. यह सेनापति बापट रोड क्षेत्र में तीसरा यूथविले है. इस अवसर पर यूथविले के संस्थापक विनीत गोयल, नीता गोयल, यूथविले के निदेशक रूपेश मित्तल, निकिता मित्तल सहित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. बताया गया कि आज लांच किए गए यूथविले का स्थान आदर्श है. इसे सिम्बायोसिस, एम.आई.टी. और प्रमुख कॉर्पोरेट केन्द्रों से निकटता का लाभ मिलता है. इसमें छात्रों और कामकाजी पेशेवरों के लिए भी उत्कृष्ट कनेक्टिविटी है. इस यूथविले का मुख्य आकर्षण इसका विशाल टेरेस कैफेटेरिया है. यहां से सेनापति बापट रोड का 180 डिग्री का सुंदर एवं मनोरम दृश्य दिखाई देगा. इसके साथ ही, यहां पूर्ण आराम का अनुभव करने के लिए विभिन्न अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं. यूथविले का यह स्थान जेडब्ल्यू मैरियट से दो सौ मीटर और पैवेलियन मॉल से तीन सौ मीटर की दूरी पर है. इससे पुणे की औद्योगिक और मनोरंजन सुविधाएं निवासियों के लिए आसानी से उपलब्ध हो जाएंगी. पुणे में कुल 7, जिसमें सेनापति बापट रोड, कर्वे नगर, बालेवाड़ी और अम्बेगांव जैसे लोकप्रिय और रणनीतिक उपनगरों में, तथा शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न कार्यालयों की निकटता का भी लाभ मिलता है. साथ ही मुंबई के जुहू में 1 ऐसे कुल आठ यूथविले संचालित किए जा रहे हैं. वर्तमान में दोनों शहरों के यूथविले में 1,800 बेड्स उपलब्ध हैं. इसमें ट्रिपल शेयरिंग, डबल शेयरिंग और सिंगल कमरे शामिल हैं. यह संरचना छात्रों और कार्यरत पेशेवरों की विविध आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित की गई है.
यूथविले सिर्फ रहने की जगह नहीं, एक संपन्न समुदाय
यूथविले सिर्फ छात्रों और कामकाजी पेशेवरों के लिए रहने की जगह नहीं है, बल्कि यह एक समृद्ध समुदाय है. जहां त्यौहार, जन्मदिन और अन्य विशेष अवसर मनाए जाते हैं, हम वहां के निवासियों को यह महसूस नहीं होने देते कि वे घर से दूर हैं. योजना है कि अकेले हिंजवड़ी क्षेत्र में लगभग एक हजार बेड उपलब्ध होंगे, जबकि खराडी, ताथवडे, कोथरूड और कोंढवा क्षेत्रों को मिलाकर लगभग पांच हजार बेड उपलब्ध होंगे. - विनीत गोयल, संस्थापक, यूथविले