शनिवारवाड़ा के 100 मीटर दायरे में निर्माण अनुमति हेतु प्रयास करूंगा

शनिवारवाड़ा-स्वारगेट और स्वारगेट-सारसबाग अंडरग्राउंड मार्ग का मामला हल किया जाएगा ः हेमंत रासने

    30-Mar-2025
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hemanr
 
   
पुणे, 29 मार्च (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
 
केंद्रीय पुरातत्व विभाग के ‌‘ए‌’ श्रेणी के शनिवारवाड़ा के 100 मीटर के दायरे में स्थित पुराने मकानों को किसी भी प्रकार की मरम्मत की अनुमति नहीं मिल रही है. कसबा विधानसभा क्षेत्र के विधायक हेमंत रासने ने शनिवार को प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि वह इस अनुमति के लिए केंद्र सरकार से संपर्क करेंगे और शनिवारवाड़ा के नजदीक स्थित शिवाजी रोड और बाजीराव रोड से सीधे स्वारगेट और सारसबाग तक भूमिगत मार्ग के लिए भी अनुमति प्राप्त करने का भरसक प्रयास करेंगे. विधायक ने विधानसभा सत्र के दौरान मध्य शहर में यातायात की भीड़ को कम करने के लिए शिवाजी रोड पर शनिवार वाड़ा से स्वारगेट तक और बाजीराव रोड पर शनिवार वाड़ा से सारसबाग तक 14 मीटर चौड़ी और दोहरी भूमिगत मार्ग बनाने की मांग की है. इसके लिए मैंने लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराज भोसले से भी मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान भोसले ने इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक करने का आश्वासन दिया है.
 
इस बारे में पूछे जाने पर रासने ने कहा कि सत्र के दौरान इन दोनों सब-वे के साथ-साथ शनिवारवाड़ा के 100 मीटर के दायरे में स्थित महलों की मरम्मत और निर्माण की अनुमति के लिए केंद्र सरकार के पुरातत्व विभाग से अनुरोध किया गया है. केंद्रीय राज्य मंत्री और सांसद मुरलीधर मोहोल और मैं इसके लिए केंद्र सरकार से संपर्क करेंगे. ये सब-वे, जिनमें से प्रत्येक लगभग पौने दो किलोमीटर लंबा होगा, लगभग 700 मीटर की दूरी पर खुलेंगे. जिससे मुख्य मार्केट जाने वाले लोग भी इस सब-वे का उपयोग कर सकेंगे. इन मार्गों के लिए विकास योजना का खाका अगले 3 महीनों में तैयार किया जाएगा. विधायक हेमंत रासने के सब-वे कांसेप्ट पर उठाए गए सवाल 100 मीटर के दायरे में न केवल खुदाई बल्कि मौजूदा संरचनाओं की मरम्मत की भी अनुमति नहीं शनिवारवाड़ा, जंगली महाराज मार्ग पर पातालेश्वर गुफाएं और नगर रोड पर आगा खान पैलेस केंद्रीय पुरातत्व विभाग की उच्चतम श्रेणी की ऐतिहासिक संरचनाएं हैं.
 
 
इन इमारतों के 100 मीटर के दायरे में न केवल खुदाई बल्कि मौजूदा संरचनाओं की मरम्मत की भी अनुमति नहीं है, इसलिए300 मीटर क्षेत्र में उत्खनन या निर्माण के लिए केंद्रीय पुरातत्व विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है. क्या शनिवारवाड़ा से स्वारगेट सब- वे को अनुमति दी जाएगी या यह सिर्फ जुमला साबित होगा? वनाज से रामवाड़ी तक पुणे मेट्रो का एलिवेटेड रूट आगा खान पैलेस के सामने नगर रोड से होकर गुजरना था. हालांकि, केंद्रीय पुरातत्व विभाग द्वारा अनुमति देने से इन्कार करने के बाद इसे कल्याणीनगर से मोड़ा गया. इससे दूरी 800 मीटर बढ़ गई है और लागत सैकड़ों करोड़ रुपए बढ़ गई है.
तो क्या शनिवार वाड़ा से स्वारगेट सब-वे को अनुमति दी जाएगी या ये सिर्फ जुमला साबित होगा?
 
 अनुमानित लागत 12 से 15 हजार करोड़ रुपये होगी. क्या मनपा या सरकार इस खर्च को वहन करेगी? शहर के मध्य से गुजरने वाली मेट्रो लाइन के लिए लगभग 8 मीटर व्यास का भूमिगत मार्ग बनाया गया है. एक किलोमीटर की लागत लगभग 700 से 1000 करोड़ रुपये है. इस पर विधायक रासने का कांसेप्ट अंडरग्राउंड मार्ग की चौड़ाई 14 मीटर है. दोनों सब-वे की लंबाई लगभग साढ़े 3 किलोमीटर है. इसलिए, विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी अनुमानित लागत 12 से 15 हजार करोड़ रुपये होगी. क्या मनपा या सरकार इस खर्च को वहन करेगी?